मुजस्सम होके दुनिया में खुदा खुद आप आया है,
गुनाहों के मरीज़ों की दवाई साथ लाया है।
1. गवाही जिसके हक में मुद्दतों से दी थी नबियों ने,
हुआ है आज वो पैदा मसीहा नाम पाया है।
2. कहाँ जाएगा तू इबलीस अब अपना फिकर कर ले,
तेरा सिर तोड़ने को शहनशाह चरनी में आया।
3. अज़ीज़ अहले जहां को आज यह मुजदा सुनादे तू,
हुआ तुझ पर खुदावंद की अजब रहमत का साया है।
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